शालाओं में मध्यान्ह भोजन से पहले अब देना होगा नास्ता

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रायपुर AbdsNews – छत्तीसगढ़ राज्य के स्कूली बच्चों को बेहतर पोषण देने के लिए राज्य सरकार योजनाएं बना रही है। इसी कड़ी में अब बच्चों को दोपहर में मध्यान भोजन देने के पूर्व अब नास्ता भी दिया जायेगा। राज्य के दो जिले बिलासपुर एवं कोरिया जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत की जा रही है। वर्तमान में इस योजना को सिर्फ दो ब्लॉक पहला बिलासपुर जिला के पेंड्रा एवं  कोरिया जिला के खड़गवां में लागु किया जा रहा है।

राज्य शासन के अनुसार बच्चों को पुरे सप्ताह नास्ता देने की योजना बना रही है इस हेतु अभी मीनू निर्धारण किया जा रहा है। राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रो में रेडी टू इट दिया जा रहा है उसी तर्ज पर प्राथमिक शालाओं पर भी रेडी टू इट या अन्य नास्ता दिया जा सकता है। मध्यान्ह भोजन से पहले नास्ता देने की शुरुआत देश की गुजरात राज्य में सबसे पहले प्रारम्भ हुआ था। राज्य में इसकी सफलता को देखकर अन्य राज्य भी इस योजना को लागु करने की तयारी कर रहे है उनमे से छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लागु करने की तयारी कर रखी है।

उपरोक्त योजना के बारे में लोक शिक्षण संचनालय के संचालक एस प्रकाश से चर्चा करने पर बताया की उपरोक्त योजना हेतु प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जल्द ही प्रस्ताव पारित होते ही स्कूलों में नास्ता देना प्रारम्भ कर दिया जायेगा। बच्चों के मध्यान्ह भोजन में पोषण की निर्धारित मात्रा निर्धारित किया गया है जिसमे प्राथमिक शाला  बच्चों को प्रोटीन 20 ग्राम,एनर्जी 450 कैलोरी,माध्यमिक स्तर के बच्चों को 20 ग्राम प्रोटीन,700 कैलोरी निर्धारित किया है।

मध्यान्ह भोजन के साथ गुणवत्ता पूर्ण नास्ता देने से बच्चों को जरुरी पोषक तत्व मिलने लगेगा जिससे बच्चों का विकास अच्छे से होगा। बच्चों को पुरे समय हरे साग भाजी मिले इस हेतु किचन गार्डन की भी ब्यवस्था किया जाना है इस हेतु समूह एवं प्रधान पाठक मिलकर शाला परिसर में ही साग भाजी उगाएंगे। मध्यान्ह भोजन से पहले नास्ता वितरण दोनों ब्लॉक में सफल होता है तो पुरे राज्य में जल्द लागु किया जायेगा।

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