निपाह एक खतरनाक वायरस ,निपाह के डर से सहमा केरल ,तेजी से फ़ैल रहा निपाह ,कैसे बचें निपाह वायरस से

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न्यूज़ एजेंसी (ABDS News ):-निपाह बहुत खतरनाक और जानलेवा वायरस है। इसके चपेट में आने से बच पाना मुश्किल है। केरल में एक बार फिर खतरनाक निपाह वायरस की दस्तक है ,कोच्चि में एक शख्स इससे प्रभावित मिला है ,यह बात केरल के स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने प्रेस कांफ्रेंस में कही है। इसके साथ ही राज्य सरकार एक बार फिर अलर्ट में आ गयी है। पिछले साल निपाह वायरस से कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में 16 मौतें हो चुकी है।

निपाह वायरस लोगों के दिमाग को नुक्सान पहुँचाता है ,यह बहुत ही खतरनाक वायरस है। यह स्वभाविक रूप से कशेरुकी जानवरों से मनुष्यों तक फैलती है यह रोग 2001 और 2007 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में भी आया था। यह वायरस संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आने से भी फ़ैल रही है।

क्या है निपाह वायरस :-विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक निपाह वायरस (NIV) तेजी से फैलता वायरस है जो जानवरों और इंसानो दोनों में गंभीर बिमारी पैदा करता है।

निपाह का सबसे पहला मामला 1998 में मलेशिया के गाँव सांगुई निपाह में पाया गया और तभी से इसका नाम निपाह वायरस पड़ा। इसकी पहली घटना मलेशिया के खेतों में सूअर ,फ्रूट बैट (चमगादड़ की एक प्रजाति) के संपर्क में आये और वायरस सूअर के माध्यम से फैलने लगी। इस समय सूअर ही इस वायरस का वाहक था। इसके बाद अनेक जगहों पर NIV वायरस के बारे में पता चला लेकिन वाहक कोई नहीं मिला।

सन 2004 में बांग्लादेश में कुछ लोग इस वायरस के चपेट में आये जिसके बारे में पता लगाया गया और परिणाम मिला कि इन लोगो ने खजूर के पेड़ से निकलने वाले तरल पदार्थ का सेवन किया था और पेड़ तक इस वायरस को के जाने वाली चमगादड़ थी जिन्हे फ्रूट बैट कहा जाता है।

निपाह वायरस के लिए अभी कोई टिका या दवा बाजार में उपलब्ध नहीं है ,यह चमगादड़ से फैलता है ,इसका सबसे ज्यादा प्रभाव अभी केरल में दिखाई दिया है। यह एक तरह का दिमागी बुखार है।

निपाह वायरस के लक्षण 

निपाह वायरस बहुत तेजी से फैलती है ,इसकी संक्रमण अवधि 5 से 14 दिन की होती है जिसके बाद इसकी लक्षण दिखाई देने लगती है ,इसके सामान्य लक्षण बुखार ,सर दर्द ,बेहोशी एवं मतली जैसे लक्षण शामिल है। कुछ अन्य लक्षण में व्यक्ति के गले में कुछ फंसने का अनुभव ,पेट में दर्द ,थकान और आँखों में धुंधलापन दिखाई देना भी हो सकता है।

डॉक्टर अग्रवाल के अनुसार -लक्षण शुरू होने के दो दिन बाद निपाह वायरस से पीड़ित के कोमा में जाने की सम्भावना बढ़ जाती है। साथ ही संक्रमण के कारण मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है।

निपाह वायरस से कैसे बचें 

१. चमगादड़ के कुतरे फल कभी न खाएं ,साथ ही आप ऐसे खाना का सेवन न करें जो किसी चमगादड़ या उसके मल से दूषित न हुआ हो।

२.पाम के पेड़ के पास खुले कंटेनर में बनी टोडी में शराब न पियें।

३. बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के सम्पर्क में न आये और मिलना जरुरी हो तो तुरंत हाथ साबुन से अच्छी तरह धो लें।

४.शौचलय में उपयोग होने वाली चीजें जैसे बाल्टी ,मग साफ रखें।

५.निपाह बुखार से मरने वाले व्यक्ति के मृत शरीर को ले जाने के समय अपना चेहरा ढंक ले और मृत शरीर के सम्पर्क में आने से बचें उन्हें गले लगने से बचें।

अपने स्तर पर आप और अन्य सावधानी रख सकते है। यह वायरस काफी खतरनाक है ,लोगो को इसके बारे में जागरूक करें। और स्वयं जागरूक और सावधान रहें।

 

 

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