पटवारियों को सप्ताह में दो दिन अपने हल्का मुख्यालय के ग्राम पंचायत भवन में 10.00 से 5.30 बजे तक उपस्थित रह कर किसानों के समस्याओं को सुलझाना होगा……..ऐसा नहीं करने पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही

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 रायपुर 09 अगस्त 19 । पटवारी राजस्व विभाग और किसानों के बीच का सबसे अहम कड़ी होता है ,बिना पटवारी के किसानों के खेती-बाड़ी संबंधी ज्यादातर कार्य रुक सा जाता है। पटवारी का पोस्ट ऐसा पोस्ट होता है जो हमेशा ही चर्चा का विषय बना ही रहता है। कहीं भी मुख्यमंत्री या कलेक्टर जनदर्शन का आयोजन होता है पटवारी के खिलाफ शिकायत मिलता ही है। पटवारी के खिलाफ भष्टाचार का आरोप भी लगता ही रहता है।

भोलेभाले किसानों को छोटी से छोटी काम के लिए दो -दो तीन-तीन दिन पटवारी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है ,तब जाकर कोई काम होता है। पटवारी कार्यालय आसपास के शहर में ही होता है। पटवारी के पास बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है , यही कारण है कि आम लोगों में धारणा बन चुकी है, पटवारी कार्यालय मतलब पैसा देना ही पड़ेगा।

बारिश का मौसम किसानों के लिए बहुत ज्यादा व्यस्तता का समय होता है यदि किसान एक दिन के लिए भी अपनी खेती बाड़ी से दूर हो जाते हैं तो उनके मन में चिंता छा जाती है कि कहीं मुहाना न फुट जाए ,कहीं खेत का पानी बह न जाए ,ऐसे में पटवारी कार्यालय का चक्कर उसके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होता।

यही कारण है कि छत्तीसगढ़ शासन ,राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ,महानदी भवन ,अटल नगर रायपुर द्वारा पटवारी के लिए छः बिंदु में दिशा निर्देश जारी किया गया है ,जिसके मुताबिक सप्ताह में दो दिन , सोमवार और मंगलवार को पटवारी को अपने हल्का मुख्यालय के ग्राम पंचायत भवन में 1.00 से 5.30 बजे तक उपस्थित रहकर भूमि संबंधी समस्याओं का आवेदन प्राप्त करना होगा तथा वहीँ निराकरण भी करना होगा।

पटवारी यदि दो या अधिक हल्का के प्रभार में हो तो सोमवार को एक प्रभार तथा मंगलवार को दूसरे प्रभार वाले हल्का मुख्यालय के ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित रहेंगे।

 

 

ग्राम पंचायत भवन में किसानों की भूमि संबंधी समस्याओं का आवेदन प्राप्त करेंगे। लिखित तथा मौखिक शिकायत को रजिस्टर में दर्ज करेंगे तथा किसान का हस्ताक्षर भी लेंगे। उक्त दो दिवस पटवारी का किसी दूसरे कार्य में ड्यूटी नहीं लगाया जा सकेगा।

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