पदोन्नति पर लगी रोक पर हाइकोर्ट ने शासन से माँगा जवाब। जल्द ही पदोन्नति पर लगी रोक हटने की उम्मीद। कर्मचारियों को मिलेगा लाभ।

0

बिलासपुर :  राज्य शासन द्वारा विगत 6 माह से सभी  प्रकार के पदोन्नति पर रोक लगा रखी है।जिसके कारण कर्मचारियों  को पदोन्नति नहीं मिलने से काफी नुकसान हो रहा है। इस सम्बन्ध में कुछ कर्मचारियों के द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था। हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की याचिका पर शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।याचिकाकर्ता अमित घोष एवं ए एन व्ही सत्यनारायण व्याख्याता के पद पर कार्यरत थे। और वे प्राचार्य के पद पर पदोन्नत के पात्र है। लेकिन राज्य शासन द्वारा 23 फरवरी 2019 को एक आदेश जारी कर सभी पदोन्नति कार्यवाही आगामी आदेश तक के लिए स्थगित कर दी गयी। इसका कारण बताया गया कि हाई कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण निरस्त कर दिया है।

याचिकाकर्ता ने उक्त पदोन्नति पर रोक के आदेश को अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव के माध्यम से चुनौती दी और बताया कि कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण निरस्त करते हुए निर्देश दिया है कि शासन चाहे तो आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत संशोधित नियम बना सकती है। तब तक सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के तहत पदोन्नति की कार्यवाही जारी रहेगी।

शासन द्वारा आज तक कोई संसोधित नियम नहीं बनाया गया ,केवल कोर्ट के आदेश को आधार बनाकर पूरी पदोन्नति पर रोक लगा दी गयी है। जबकि हिकारत ने प्रमोशन  रोकने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है। इस मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश पी सेम कोशी ने शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

कर्मचारी संघों द्वारा इस विषय पर लगातार शासन के साथ वार्ता किया जाना चाहिए जिससे कोई हल निकल सके और कर्मचारी हित में प्रमोशन में लगे रोक को हटाए जा सके। जिससे पात्र कर्मचारी को इसका लाभ मिल सके। क्योंकि कोई भी कर्मचारी अपने जीवन का अमूल्य समय शासन के कार्यों में लगा चूका होता है। और पदोन्नति और क्रमोन्नति के हकदार होते है। जो उन्हें मिलना चाहिए। कर्मचारी हित में सभी को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता  है।

लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए ABDSNEWS व्हाट्सप्प ग्रुप यहाँ से ज्वाइन करें 

  JOIN WHATSAPP GROUP 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here