ब्रेकिंग न्यूज़ :शिक्षाकर्मी आंदोलन का आगाज 2 अक्टूबर से ,,रायपुर के बूढ़ा तालाब से करेंगे अपने मांगों के लिए सत्याग्रह। वर्ग 3 के लाखों शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा कर्मियों की बात करें तो निश्चित ही बहुत लम्बा विवरण हो सकता है। आपको आज छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में अध्यापन कार्य को संभाले हुए शिक्षकों /शिक्षाकर्मियों की स्थिति और उनके द्वारा किये जा रहे रणनीति के बारे में विस्तार से बताया गया है जिसके बारे में आपको जानना बहुत जरुरी है। और ये भी जानना बहुत जरुरी है कि आखिर शिक्षाकर्मी आंदोलन के लिए मजबूर क्यों है।  बहुत से बातों पर प्रकाश डाल रहे है जो निश्चित ही शिक्षा जगत के लिए अति आवश्यक है। और साथ ही शिक्षकों के लिए भी।

पदोन्नति ,क्रमोन्नति ,वेतन विसंगति :-मध्यप्रदेश की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ देते हुए 10 वर्ष में प्रथम एवँ 20 वर्ष में द्वीतीय क्रमोन्नति वेतनमान देने हेतु तत्काल आदेश जारी करने, वर्ग 03 की वेतन विसंगति दूर करते हुए 5200 + 2400 की जगह 9300 + 4200 वेतनमान देने, समस्त संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों को अविलम्ब संविलियन करने एवँ 3500 पीड़ित परिवार के आश्रितों को तत्काल निश:र्त अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग को लेकर प्रदेशभर के एक लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षक, आगामी 02 अक्टूबर को प्रदेश की राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर “प्राथमिक शिक्षक अधिकार सत्याग्रह” करेंगे।

आंदोलन की घोषणा :“छत्तीसगढ़ प्राथमिक शिक्षक फेडरेशन” (प्राथमिक शिक्षक संघ छत्तीसगढ़) के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने समस्त इलेक्ट्रॉनिक एवँ प्रिंट मीडिया में आगामी 02 अक्टूबर के एक दिवशीय प्रदेश स्तरीय आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि जब मध्यप्रदेश में प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता मानते हुए क्रमोन्नति वेतन दी जा रही है तो छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं …..??? उल्लेखनीय है अविभाजित मध्यप्रदेश के प्राथमिक शालाओ में शिक्षा सत्र 1995 एवँ 1998-99 से शिक्षाकर्मी वर्ग 03 की भर्ती की गई थी। विगत लगभग 18 से 20 सालो के कड़े संघर्ष, आंदोलन, धरना-प्रदर्शन आदि से हमारी बहुप्रतीक्षित संविलियन की मांगें जब पूरी हुई है तब मध्यप्रदेश की अपेक्षा छत्तीसगढ़ के लगभग एक लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षक आज छले गए है।

पडोसी राज्य का जिक्र :-मध्यप्रदेश के वर्तमान कमलनाथ सरकार ने प्रदेश के दो लाख, 80 हजार अध्यापक संवर्ग के लिए राजपत्र का प्रकाशन विगत दिनों किया है जिसमे दो वर्ष में संविलियन तथा प्रथम नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति वेतनमान दे रही है। लेकिन छत्तीसगढ़ प्रदेश के लगभग एक लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से क्रमोन्नति नहीं देने एवँ संविलियन में 8 साल की बाध्यता से यंहा के शिक्षकों को प्रत्येक माह लगभग 12 से 17 हजार का बड़ा भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने “छत्तीसगढ़ प्राथमिक शिक्षक फेडरेशन” के चार सूत्रीय मांगों क्रमोन्नति, वेतन विसंगति, वर्ष बन्धन एवँ अनुकम्पा नियुक्ति सहित अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आगामी 02 अक्टूबर को प्रदेशस्तरीय एक दिवशीय धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है।
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष भोजकुमार साहू, विनोद पाल, लोकु ढिढि, अशोक गुप्ता एवँ सभी पदाधिकारियों ने प्रदेशभर के प्राथमिक शिक्षकों से आगामी 02 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के धरना स्थल बूढ़ातालाब में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धरना प्रदर्शन एवँ आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

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