प्रशिक्षण के दो माह बाद भी सम्पर्क फाउंडेशन स्मार्ट शाला कीट से अध्यापन नहीं……धूल खाते मिला अंग्रेजी ,गणित कीट …….शिक्षिका को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस

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मुंगेली। सम्पर्क फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के सभी प्राथमिक शालाओं में अंग्रेजी और गणित विषय का कीट प्रदाय किया गया है ,ताकि सिखने -सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके ,जिससे बच्चे आसानी से किसी अवधारणा को समझ सके। यह कीट (टी.एल.एम.) बहुत ही सुंदर और कलरफूल है ,जो बच्चों को मनोवैज्ञानिक तरिके से आकर्षित करती है।

अंग्रेजी की कीट और सम्पर्क दीदी (रेडियो) अंग्रेजी शिक्षण को रोचक बनाती है ,बच्चे बड़े मजे से रेडियो को सुनते हैं। सम्पर्क दीदी द्वारा स्टेप बाई स्टेप सरलता से कठिनता की ओर अंग्रेजी के गतिविधियों को सिखाया जाता है,जबकि गणित कीट मूर्त से अमूर्त की ओर गणितीय अवधारणा को सिखाने में मदद करती है ,यह कीट बच्चों के लिए  बहुत ही प्रभावी व कारगर है ,फिर भी यह कीट शिक्षकों की उदासीनता के कारण शाला के किसी कोने में धूल खते पड़ा है।

मामला मुंगेली जिले के पथरिया विकास खंड के प्राथमिक शाला चंदरगढ़ी का है ,यहां सम्पर्क फाउंडेशन द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के दो माह बाद भी शिक्षिका द्वारा स्मार्ट किट से अध्यापन नहीं कराया जा रहा है। सम्पर्क फॉउंडेशन के जिला समन्वयक श्री प्रवीण महार के द्वारा दिनांक 22.08.19 को जब शाला का अवलोकन किया गया ,तब स्मार्ट शाला कीट और सम्पर्क दीदी (रेडियो ) धूल खाते मिला।

सम्पर्क फॉउंडेशन जिला समन्वयक श्री प्रवीण महार के अवलोकन के आधार पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी पथरिया द्वारा शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा गया है कि प्रशिक्षण के दो माह बाद भी स्मार्ट शाला कीट से अध्यापन नहीं कराना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और यह कार्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा 1965 के प्रतिकूल है।

शिक्षिका को पत्र प्राप्ति के तत्काल बाद शाला समय के पश्चात विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया है।

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